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भागवतदर्शनम् (Bhagavatadarshanam)

New arrival
Binding
ISBN: ‎ 9789371004466 , 9371004460
Regular price ₹ 250.00

पुराणों में श्रीमद्भागवत महापुराण का अत्यंत विशिष्ट और श्रद्धेय स्थान है। इसके प्रत्येक अध्याय में भगवत-दर्शन प्रत्यक्ष रूप से दृष्टिगोचर होते हैं। दार्शनिक तत्त्वों की अधिकता एवं गहनता के कारण ही महर्षि वेदव्यास जी ने इसे वेदांत दर्शन सार कहा है। इस महापुराण में दार्शनिक सिद्धांतों के साथ-साथ जन सामान्य के आकर्षण हेतु भागवती कथाओं का मनोहर समावेश किया गया है।

प्रस्तुत रचना “श्रीभागवत दर्शनम्”, श्रीमद्भागवत पुराणान्तर्गत दार्शनिक तत्त्वों का सुगठित सार है। जिज्ञासु साधकों एवं पाठकों की सुविधा के लिए इन तत्त्वों को श्लोक बद्ध रूप में प्रस्तुत कर हिंदी भाषा में भी संकलित किया गया है।

आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध वेदांत के तत्त्व, बोधगम्य एवं गेय संस्कृत शैली में वर्णित हैं, जिससे यह कृति अध्ययन के साथ-साथ स्मरण एवं भावाभिव्यक्ति के लिए भी सरल और उपयुक्त बनती है।

ज्ञातव्य है कि भगवान व्यास का उद्देश्य मात्र कथा-लेखन नहीं था, अपितु भक्तों को परम आध्यात्मिक लाभ एवं भगवद्भक्ति का मार्ग प्रदान करना ही इसका वास्तविक लक्ष्य है।