अंधेरे के चिराग (गजल संग्रह) Andhere Ke Chirag (Gajal Sangrah)
अंधेरे के चिराग (गजल संग्रह) Andhere Ke Chirag (Gajal Sangrah) - Paperback is backordered and will ship as soon as it is back in stock.
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यह गजल-संग्रह मेरी साहित्यिक यात्रा का प्रारम्भिक लेकिन अत्यंत आत्मीय पड़ाव है। लेखन मेरे लिए केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं रहा, बल्कि अपने समय, समाज और स्वयं से संवाद करने का एक तरीका भी रहा है। विद्यालय जीवन से ही मन में उठने वाले प्रश्न, आसपास दिखाई देने वाली असमानताएँ, लोगों के संघर्ष, रिश्तों की जटिलताएँ और जीवन की छोटी-बड़ी अनुभूतियाँ धीरे-धीरे शब्दों का रूप लेने लगीं। समय के साथ वही अनुभव गजलों में ढलते गए और इस संग्रह का आधार बने।
मेरी गजलों में पाठक को आम आदमी का जीवन, सामाजिक यथार्थ, व्यवस्था के प्रति असंतोष, भूख, मजदूर, संघर्ष, उम्मीद, प्रेम, विरह और मनुष्य की आंतरिक बेचौनियाँ बार-बार दिखाई देंगी। मैंने अपने आसपास के जीवन को जिस रूप में महसूस किया, उसे बिना किसी कृत्रिम सजावट के सरल और सीधे शब्दों में कहने का प्रयास किया है। मेरी कोशिश रही है कि शेर केवल साहित्यिक अभ्यास बनकर न रह जाएँ, बल्कि पाठक और श्रोता के अनुभवों से जुड़ सकें।
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