अंधकार दर्शन: एक नये दर्शन का उद्भव (Andhkar Darshan: Ek Naye Darshan Ka Udbhav)
अंधकार दर्शन: एक नये दर्शन का उद्भव (Andhkar Darshan: Ek Naye Darshan Ka Udbhav) - Paperback is backordered and will ship as soon as it is back in stock.
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अंधकार ही सृष्टि, अंधकार ही विनाश, ज्ञान अंधकार, अज्ञान का हर पल अंधकार, प्रलय का एक-एक क्षण अंधकार, जीवन अंधकार और मृत्यु अंधकार, ब्रह्मांड का मूल, प्रकाश की जननी अंधकार, जीवन, जगत् और यह सम्पूर्ण सृष्टि अंधकार, मैं अंधकार, तुम अंधकार, प्रकृति का कण-कण अंधकार अंधकार भी स्वयं अंधकार, सर्वम् अंधकार, सर्वम् अंधकार ॥
- डॉ. धर्मेन्द्र कुमार
जिस प्रकार पेड़ में लगे फल और बीज ही उसकी उत्पत्ति का राज खोलते है, उसी प्रकार अंधकार रूपी अज्ञान में मौजूद ज्ञान से हम स्वयं को अथवा सृष्टि के रहस्यों को जान पाते हैं।
यह सत्य है दर्शन विचार या प्रत्यय है, किन्तु यह भी सत्य है इन्हीं प्रत्ययों से सारे आविष्कार और खोज सम्भव हो सके हैं।
दर्शन केवल एक विषय नहीं यह आद्य है, जीवन है, आशा है, उम्मीद है, परम् तत्व, अंतिम सत्य और ब्रह्मांड को सम्पूर्णता में समझने का निष्पक्ष दृष्टिकोण है।
आखिरी सत्य की खोज ही दर्शन है।
- डॉ. धर्मेन्द्र कुमार
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