{"product_id":"kautilya-arthashastra-saral-aur-saragarbhit-hindi-bhashanuvad-by-sriyut-pran-nath-vidyalankar-9789371003902-9371003901-9789371005944-9371005947","title":"Kautilya Arthashastra: Saral Aur Saragarbhit Hindi Bhashanuvad (कौटिल्य अर्थशास्त्र: सरल और सारगर्भित हिन्दी भाषानुवाद)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eआचार्य चाणक्य (कौटिल्य)\u003c\/strong\u003e द्वारा रचित \u003cstrong\u003e'अर्थशास्त्र'\u003c\/strong\u003e प्राचीन भारत का एक ऐसा महान और कालजयी ग्रंथ है, जिसकी प्रासंगिकता सहस्राब्दियों बाद आज भी अक्षुण्ण है। यह ग्रंथ शासन-व्यवस्था, राजनीति, अर्थनीति, कूटनीति और सैन्य रणनीति पर विस्तृत और व्यवस्थित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। तत्कालीन मौर्य शासन के संदर्भ में रचित यह कृति आज भी नेतृत्व, प्रशासन और रणनीतिक सोच के क्षेत्र में प्रासंगिक मानी जाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eमुख्य स्तंभ और विशेषताएं:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eशासन कला और प्रशासनिक ढांचाः\u003c\/strong\u003e कौटिल्य ने राज्य संचालन के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचे का वर्णन किया है। इसमें राजा के कर्तव्यों, मंत्रियों के चयन और एक न्यायपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था पर बल दिया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eआर्थिक प्रबंधन और कराधानः\u003c\/strong\u003e ग्रंथ में व्यापार, कर-प्रणाली और राजस्व संग्रहण के ऐसे प्रभावी उपाय सुझाए गए हैं, जो आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए भी मार्गदर्शक हैं। यह धन सृजन के साथ-साथ लोक कल्याण पर आधारित आर्थिक नीतियों की व्याख्या करता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eकूटनीति और सैन्य रणनीतिः\u003c\/strong\u003e अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए 'मंडल सिद्धांत' और युद्ध की रणनीतियों के माध्यम से यह पुस्तक कूटनीति की सूक्ष्म समझ प्रदान करती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eनैतिक और आध्यात्मिक आधारः\u003c\/strong\u003e हिंदू आध्यात्मिक ज्ञान को नीतियों से जोड़ते हुए यह ग्रंथ सुनिश्चित करता है कि शासन में शक्ति के साथ-साथ नैतिकता और न्याय का संतुलन बना रहे।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e'अर्थशास्त्र' की शिक्षाएं समय की सीमाओं से परे हैं। आज के नेतृत्वकर्ताओं, प्रशासकों और रणनीतिकारों के लिए यह पुस्तक व्यावहारिक मार्गदर्शन का एक अमूल्य स्रोत है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eसंक्षेप में, यह ग्रंथ न केवल शासकों के लिए एक मार्गदर्शिका है, बल्कि एक आम नागरिक के लिए भी व्यावहारिक और रणनीतिक सोच विकसित करने हेतु एक अनिवार्य पाठ है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Sriyut Pran Nath Vidyalankar","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":59837628449054,"sku":"9789371003902","price":395.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hardcover","offer_id":59837628481822,"sku":"9789371005944","price":695.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/1251\/0363\/files\/9371003901.MAIN.jpg?v=1787639253","url":"https:\/\/www.mlbd.in\/products\/kautilya-arthashastra-saral-aur-saragarbhit-hindi-bhashanuvad-by-sriyut-pran-nath-vidyalankar-9789371003902-9371003901-9789371005944-9371005947","provider":"Motilal Banarsidass Publishing House","version":"1.0","type":"link"}